प्राच्यविद्या और विज्ञान का संगम
Gyananveshan: Exploring the Past to Innovate the Future — A Confluence of Oriental Studies and Science
वेद, व्याकरण, चिकित्सा, गणित, खगोल, दर्शन और योग — भारत की अनूठी ज्ञान-परम्परा के स्तम्भ।
वेद एवं दर्शन
व्याकरण
आयुर्वेद
शल्य चिकित्सा
गणित एवं खगोल
खगोल एवं ज्योतिष
वैशेषिक दर्शन
योग दर्शन
शोध-पत्र निम्न विषयों एवं उपविषयों पर आमंत्रित हैं।
प्राचीन योगदान और समकालीन प्रासंगिकता
योग, आयुर्वेद, कृषि, खगोल, भौतिक, रसायन, जीव एवं वनस्पति विज्ञान, ज्योतिष और वास्तुशास्त्र
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के संदर्भ में डिजिटल शिक्षा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की भूमिका, संभावनाएँ एवं चुनौतियाँ
ऐतिहासिक स्रोतों, विभाजन के कारणों एवं राजनीतिक परिप्रेक्ष्य का आलोचनात्मक अध्ययन
राजनीतिक, आर्थिक एवं सांस्कृतिक प्रभाव तथा भारतीय समाज पर दीर्घकालीन परिणाम
समुदायों पर प्रभाव: ऐतिहासिक एवं सामाजिक परिप्रेक्ष्य
उनकी शिक्षाएँ, दर्शन, सामाजिक योगदान एवं भारतीय संस्कृति पर प्रभाव
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, उद्देश्य एवं सामाजिक प्रभाव
शिक्षाविदों, इतिहासकारों, विषय-विशेषज्ञों एवं शोधार्थियों से संगोष्ठी के निर्धारित विषयों एवं उपविषयों पर मौलिक, अप्रकाशित एवं शोधपरक शोध-पत्र आमंत्रित किए जाते हैं।
चयनित शोध-पत्रों को सम्पादकीय समीक्षा के उपरान्त ISBN युक्त पुस्तक के रूप में प्रकाशित किया जाएगा।
अंग्रेज़ी शोध-पत्र Times New Roman तथा हिंदी शोध-पत्र Mangal अथवा Kokila फ़ॉन्ट में टाइप किए जाएँ।
शोध-पत्र में सारांश (Abstract), प्रमुख शब्द (Keywords) एवं संदर्भ-सूची का समुचित समावेश होना चाहिए।
10 नवम्बर 2026
18 नवम्बर 2026 · उत्तराखण्ड संस्कृत विश्वविद्यालय, बहादराबाद, हरिद्वार
UPI ID: 9359903701m@pnb
देवभूमि उत्तरांचल जन सेवा न्यास
राष्ट्रीय संगोष्ठी "ज्ञानान्वेषण" (18 नवम्बर 2026, हरिद्वार) में सहभागिता हेतु पंजीकरण फ़ॉर्म भरें।
Monday – Saturday: 9:00 AM – 6:00 PM
Sunday: 10:00 AM – 4:00 PM